मप्र / कूनाे तैयार, अफ्रीकी चीता आएगा; सुप्रीम काेर्ट ने अनुमति दी, बसाने के लिए तीन जगह

  • सुप्रीम काेर्ट ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण काे इन चीताें काे भारत लाने की अनुमति दी

  • चीतों को रखने के लिए देश में तीन स्थान चयनित किए गए हैं


    मप्र में जल्द आएंगे अफ्रीकी चीता। के लिए इमेज परिणामभाेपाल. लंबे इंतजार के बाद अब मप्र में अफ्रीकी चीते के आने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सुप्रीम काेर्ट ने मंगलवार काे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) काे इन चीताें काे भारत लाने की अनुमति दे दी है। साथ ही कहा है कि इन चीताें काे अनुकूल वन क्षेत्र में ही रखा जाए। पूर्व में केंद्र सरकार ने अफ्रीकी चीताें के लिए देश में तीन स्थान चिन्हित किए थे।


    इसमें दो स्थान (कूनो-पालपुर और नौरादेही सेंक्चुरी) मप्र के हैं, जबकि एक सेंक्चुरी राजस्थान की है। मप्र वन्यजीव विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान ने बताया कि कूनो-पालपुर और नौरादेही को शॉर्टलिस्ट केंद्र सरकार ने किया था।  यदि सरकार पूर्व में चिह्नित की गई जगहाें काे तवज्जाे देती है ताे मप्र में ये चीते बसाए जा सकते हैं। कूनाे-पालपुर में इनके लिए अनुकूल माहाैल तैयार किया जा चुका है। 


    इन चीताें काे लाना इसलिए जरूरी
    सुप्रीम कोर्ट में एनटीसीए ने दायर आवेदन में कहा था कि दुर्लभ भारतीय चीता देश में लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं। इसमें नामीबिया से अफ्रीकी चीता लाने की अनुमति दें। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने तीन सदस्यों की एक समिति का गठन किया है जो इस मुद्दे पर फैसला लेने में एनटीसीए का मार्गदर्शन करेगी। शीर्ष कोर्ट इसकी निगरानी करेगा।