भोपाल / नगर निगम धारा 305 का उपयोग करता तो सुलझ जाता आर्च ब्रिज के लिए एप्रोच रोड का विवाद

नगर निगम ने यदि आर्च ब्रिज की एप्रोच रोड के लिए इमेज नतीजेभोपाल। नगर निगम ने यदि आर्च ब्रिज की एप्रोच रोड के मामले में नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 305 का उपयोग किया होता तो आर्च ब्रिज रोड में बाधक तीनों मकान का मामला सुलझ सकता था। यह धारा निगम को यह अधिकार देती है कि वह व्यापक जनहित में किसी भी व्यक्ति की निजी संपत्ति का अधिग्रहण कर सकता है। नोटिस देने के साथ ही अधिग्रहण हो जाता है और मुआवजा बाद में तय होता है।


बीआरटीएस के लिए निजी जमीन के अधिग्रहण में निगम ने इसका उपयोग किया था। आर्च ब्रिज का निर्माण शुरू होने के साथ ही एप्रोच रोड के लिए तीन मकानों की शिफ्टिंग का मामला सामने आ गया था। स्थानीय पार्षद शबिस्ता जकी ने इन मकानों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। इस बीच निगम की इंजीनियरिंग शाखा ने बिल्डिंग परमिशन को धारा 305 का नोटिस जारी करने को लिखा था, लेकिन यह नोटिस जारी नहीं हुआ। महापौर का कहना है कि एमआईसी ने भी इस संबंध में संकल्प पारित किया, लेकिन इसका भी पालन नहीं हुआ।


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