डिंडौरी / मेरे से पहले मुख्यमंत्री ने 21 हजार घोषणाएं कीं, उनका क्या परिणाम हुआ, इसलिए मैं घोषणा नहीं करता: कमलनाथ

शबरी जयंती पर डिंडौरी पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ। के लिए इमेज नतीजेडिंडौरी. शबरी जयंती पर सोमवार को डिंडोरी पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं घोषणा करने पर विश्वास नहीं करता हूं। पिछली सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 21 हजार घोषणाएं कीं। उनका परिणाम क्या हुआ, इसे पूरा प्रदेश जानता है। उन्होंने कहा कि आम जनता को घोषणाओं पर ताली नहीं बजानी चाहिए। जब उनके सामने काम पूरा हो जाए, उन्हें महसूस हो कि उनका विकास हो रहा है, रोजगार मिल रहा है, तब वे ताली बजाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बोलने पर नहीं काम करने पर विश्वास करती है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए निवेश का एक नया माहौल बनाया गया है। कृषि क्षेत्र में किसान कर्ज मुक्त होकर अपनी उपज का सही दाम प्राप्त करें, इसके लिए नई नीतियां लागू की जा रही हैं। जय किसान फसल ऋण माफी योजना में 22 लाख किसानों का ऋण माफ किया गया है। मैं हर जगह ये कहता नहीं फिरता हूं। 


विरासत में हमें खाली खजाना मिला : कमलनाथ 
पिछले साढ़े ग्यारह माह में नई सरकार ने विरासत में मिले खाली खजाने और बदहाल व्यवस्था को सुधारने में अपनी साफ नियत और नीति बताई है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में उत्पन्न चुनौतियों का सामना करते हुए नई सोच और दृष्टिकोण के साथ काम किया जा रहा है। देश में किसान आत्महत्या में नंबर-वन मध्यप्रदेश के किसानों को राहत पहुंचाई गई है। बेरोजगारी में नंबर-वन प्रदेश के युवाओं को बेरोजगारी के अंधकार से निकालने के नए निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर चुनौती का हम पूरी ताकत से मुकाबला कर रहे हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा- आदिवासियों का पलायन रोका जाएगा 
आदिवासी क्षेत्रों में विकास का नया इतिहास बनाया जाएगा। आदिवासी क्षेत्रों से पलायन को रोकने, रोजगार देने और स्थानीय उपज का उचित दाम दिलाने के लिए सुनियोजित योजनाएं बनेंगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों के विकास के लिए जो योजनाएं बनी थीं और वर्षों से धूल खा रहीं हैं, ऐसी योजनाओं को लागू कर आदिवासी भाईयों तक उनका लाभ पहुँचाया जाएगा। उन्होंने यह बात बरगी बांध निर्माण के समय डिंडौरी जिले को भी नर्मदा नदी का लाभ देने की योजना के संदर्भ में कही। यह योजना 10 हजार करोड़ लागत की है। 


सच्चाई का साथ देते रहें, निराश नहीं होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला और डिंडौरी के आदिवासी भाईयों ने सदैव सच्चाई का साथ दिया है। उन्होंने जो विश्वास और शक्ति दी है, उसके बल पर हम कभी भी इस क्षेत्र के लोगों को निराश नहीं होने देंगे। डिण्डोरी और मंडला का एक नया इतिहास विकास के नक्शे पर अंकित हो, इसके लिए सरकार वचनवद्ध है।


2003 में 23 हजार करोड़ कर्ज था, जो आज 1 लाख 80 हजार हो गया : डिंडौरी के प्रभारी मंत्री और वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक हालत चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश पर 23 हजार करोड़ रुपये का ऋण था। जब नई सरकार ने कार्यभार संभाला, तब प्रदेश पर 1 लाख 80 हजार करोड़ का ऋण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदिवासी क्षेत्रों में, विशेषकर मंडला और डिंडौरी में कोदो और कुटकी फसल को सरकारी स्तर पर खरीदने के लिए योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री कमल नाथ को प्रगतिशील कौल महासभा के अध्यक्ष, माखन लाल सरैया ने शबरी के बेर खिलाए। प्रारंभ में मुख्यमंत्री का आदिवासी परंपरा के साथ स्वागत किया गया।