खंडवा / 10 स्कूलाें में खुलेंगे प्री-प्राइमरी स्कूल, केजी-टू की कक्षाएं शुरू होंंगी, 6 साल के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा

खंडवा / 10 स्कूलाें में खुलेंगे प्री-प्राइमरी स्कूल के लिए इमेज नतीजेखंडवा. जिले के 10 मिडिल व प्राइमरी स्कूलाें में प्री-प्राइमरी स्कूल खाेले जाएंगे। यहां पर केजी-टू की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसमें 6 साल तक की उम्र के बच्चाें काे प्रवेश दिया जाएगा। प्री-प्राइमरी स्कूलें खाेलने का उद्देश्य प्राथमिक व माध्यमिक कक्षाओं में विद्यार्थियाें की संख्या और उनकी गुणवत्ता काे बढ़ाना है। वर्तमान में आंगनवाड़ी, मदरसाें व नर्सरियाें में 5 साल से अधिक उम्र के भी बच्चे हैं जिन्हें प्राथमिक स्कूलाें में हाेना चाहिए।


सरकार ने प्रदेश के सभी जिलाें में प्री-प्राइमरी स्कूल खाेलने की तैयारी कर ली है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टर के माध्यम से जिला शिक्षा स्त्राेत समन्वयक से ऐसे स्कूलाें के प्रस्ताव मांगे हैं, जहां यह स्कूल खाेले जाएंगे। प्रस्ताव तैयार करने से पहले प्राइमरी और मिडिल स्कूलाें के आसपास की बसाहटाें और स्कूल में उपलब्ध संसाधनाें के आधार पर जिला स्तरीय रिपाेर्ट तैयार की जाएगी।


यह बताएंगे डीईओ प्रस्ताव भेजने से पहले जिला शिक्षाधिकारी काे यह बताना हाेगा कि जिन प्राइमरी और मिडिल स्कूलाें में प्री-प्राइमरी स्कूल खाेले जाएंगे, वहां 6 साल से कम उम्र के बच्चाें की संख्या क्या है। अतिरिक्त कक्ष भवन और शिक्षकाें की संख्या कितनी है। बिजली, पानी है या नहीं, इन स्कूलाें से आंगनवाड़ी केंद्राें की दूरी कितनी है। स्कूलाें में बाउंड्रीवाल और बच्चाें की सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं। अगर इनमें से कुछ संसाधन उपलब्ध नहीं है ताे उसकी व्यवस्था सत्र शुरू हाेने से पहले कर दी जाए। जिन स्कूलाें में प्री-प्राइमरी स्कूल खाेलने की अनुमति दी जाएगी उन्हें प्रचार प्रसार भी करना हाेगा।


प्राइमरी-मिडिल स्कूलों में बढ़ेगी बच्चाें की संख्या जिला स्राेत समन्वयक प्रभारी संजीव मंडलाेई ने बताया वर्तमान में जिले के आंगनवाड़ी, मदरसाें व नर्सरियाें में छह साल तक के बच्चे भी हैं, जिन्हें प्राथमिक शाला में हाेना चाहिए। मेरी जिम्मेदारी कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चाें काे जिले के प्राइमरी स्कूलाें तक लाना ही हमारा उद्देश्य है। अगर ऐसे बच्चे प्री-प्राइमरी स्कूलाें में आ जाएंगे ताे प्राइमरी व मिडिल स्कूलाें में विद्यार्थियाें की संख्या भी बढ़ जाएगी।