महाराष्ट्र शिवसेना का असलमहाराष्ट्र शिवसेना का असल चेहरा फिर से बेनकाब हुआ। पूरे देश ने जान ली शिवसेना की असलियत ...

अमित शाह शिवसेना से मिलने जाने वाले थे लेकिन चूँकि शिवसेना इस वक्त पुरी तरह से प्रो शरद पवारी-संजय राउत के दिमाग से चल रही है और उद्धव ठाकरे जी के पास कोई समझदार व्यक्ति मौजूद नहीं है, इन्होंने सामना अखबार में भाजपा का मखौल उड़ाना बंद नहीं किया ... 


बस यहीं मोठा भाई का माथा घुम गया और दिल्ली से ऑर्डर आया कि अब इनकि अक्ल ठिकाने लगानी जरूरी है .... अब शिवसेना से कोई बात नहीं होगी .... उसके तुरंत बाद फड़नवीस जी ने इस्तीफा दे दिया ....


15 दिन से संजय राउत कहते फिर रहे हैं कि 175 MLA का समर्थन है ... संजय को लगा कि NCP और काँग्रेस क्षण भर की भी देरी नहीं करेगी समर्थन देने में ... लेकिन शरद पवार ने सारी हेकड़ी निकाल दी ...


इस चुनाव में अगर कोई वाकई विजेता है तो वह शरद पवार ही हैं ... उनकी पार्टी का एकमात्र चेहरा होते हुये भी ... चुनाव से ठीक पहले कई विधायकों और करीबीयों को भाजपा द्वारा तोड़ लेने के बावजूद ... यहाँ तक की उनके सबसे निकटतम व्यक्तियों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज-उदयनराज भोंसले तक उनको छोड़ भाजपा में चले गये थे .... 


इन सब के बावजूद शरद पवार ने अपने दम पर NCP को पचास सीटें दिलाने के साथ साथ सतारा लोकसभा में उदयनराज भोंसले को हरा दिया ... शरद पवार का वह बारीश में भिगते हुये भाषण देना मराठवाडे में चल गया ... 


शरद पवार वाकई खिलाड़ी हैं .... पहले संजय राउत को भरोसे का आश्वासन दिया ... काँग्रेस तो चल ही शरद पवार के पिछे रही है महाराष्ट्र में ... जो शरद पवार बोल दें वह कर रही है ... राज्यपाल ने आदित्य ठाकरे को बुलाया ... लेकिन काँग्रेस और NCP ने गच्चा दे दिया ... समर्थन पत्र नहीं भिजवाया ...


आदित्य ठाकरे छोटा सा मूँह और बेइज्जती करवाकर लौट आये ... संजय राउत इन सब भसड़ और बेइज्जती से बचने के लिये अपना काम कर दिल की किसी बिमारी का बहाना बना हॉस्पिटलाइज हो गये हैं .... 


अब सब कुछ शरद पवार के हाथ आ गया है .... राज्यपाल ने उन्हें बुलाया है सरकार बनाने के लिये .... काँग्रेस आराम से समर्थन कर देगी .... शिवसेना क्या करेगी???? कल तक सरकार बनाने का दावा करनेवाली शिवसेना अब पवार साहेब के दावे का समर्थन करेगी??? .... और नहीं करेगी तो दोबारा चुनाव की स्थिति में किस मूँह से चुनाव लड़ेगी???


शरद पवार ने चालाकी से शिवसेना को निपटा दिया है .... 


बिलकुल सही जगह फँसी है शिवसेना .... भाजपा पुरानी मित्रता के लिहाज में इनकी हर अकड़, हर अपमान को सह लेती थी फिर भी साथ रखती थी .... लेकिन शिवसेना को लगता था की भाजपा है ही इनके बदौलत ... 


सही जगह पहूंची है शिवसेना अब ... पवार साहेब ही ठीक करेंगे इन्हें ....


अब लड़ाई दो चाणक्यों के बीच बची है ... एक तरफ शरद पवार दुसरी तरह अमित शाह ... बाकी बच्चे लोग बगल में बैठ ताली बजायें ... चेहरा फिर से बेनकाब हुआ। पूरे देश ने जान ली शिवसेना की असलियत  ...


अमित शाह शिवसेना से मिलने जाने वाले थे लेकिन चूँकि शिवसेना इस वक्त पुरी तरह से प्रो शरद पवारी-संजय राउत के दिमाग से चल रही है और उद्धव ठाकरे जी के पास कोई समझदार व्यक्ति मौजूद नहीं है, इन्होंने सामना अखबार में भाजपा का मखौल उड़ाना बंद नहीं किया ... 


बस यहीं मोठा भाई का माथा घुम गया और दिल्ली से ऑर्डर आया कि अब इनकि अक्ल ठिकाने लगानी जरूरी है .... अब शिवसेना से कोई बात नहीं होगी .... उसके तुरंत बाद फड़नवीस जी ने इस्तीफा दे दिया ....


15 दिन से संजय राउत कहते फिर रहे हैं कि 175 MLA का समर्थन है ... संजय को लगा कि NCP और काँग्रेस क्षण भर की भी देरी नहीं करेगी समर्थन देने में ... लेकिन शरद पवार ने सारी हेकड़ी निकाल दी ...


इस चुनाव में अगर कोई वाकई विजेता है तो वह शरद पवार ही हैं ... उनकी पार्टी का एकमात्र चेहरा होते हुये भी ... चुनाव से ठीक पहले कई विधायकों और करीबीयों को भाजपा द्वारा तोड़ लेने के बावजूद ... यहाँ तक की उनके सबसे निकटतम व्यक्तियों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज-उदयनराज भोंसले तक उनको छोड़ भाजपा में चले गये थे .... 


इन सब के बावजूद शरद पवार ने अपने दम पर NCP को पचास सीटें दिलाने के साथ साथ सतारा लोकसभा में उदयनराज भोंसले को हरा दिया ... शरद पवार का वह बारीश में भिगते हुये भाषण देना मराठवाडे में चल गया ... 


शरद पवार वाकई खिलाड़ी हैं .... पहले संजय राउत को भरोसे का आश्वासन दिया ... काँग्रेस तो चल ही शरद पवार के पिछे रही है महाराष्ट्र में ... जो शरद पवार बोल दें वह कर रही है ... राज्यपाल ने आदित्य ठाकरे को बुलाया ... लेकिन काँग्रेस और NCP ने गच्चा दे दिया ... समर्थन पत्र नहीं भिजवाया ...


आदित्य ठाकरे छोटा सा मूँह और बेइज्जती करवाकर लौट आये ... संजय राउत इन सब भसड़ और बेइज्जती से बचने के लिये अपना काम कर दिल की किसी बिमारी का बहाना बना हॉस्पिटलाइज हो गये हैं .... 


अब सब कुछ शरद पवार के हाथ आ गया है .... राज्यपाल ने उन्हें बुलाया है सरकार बनाने के लिये .... काँग्रेस आराम से समर्थन कर देगी .... शिवसेना क्या करेगी???? कल तक सरकार बनाने का दावा करनेवाली शिवसेना अब पवार साहेब के दावे का समर्थन करेगी??? .... और नहीं करेगी तो दोबारा चुनाव की स्थिति में किस मूँह से चुनाव लड़ेगी???


शरद पवार ने चालाकी से शिवसेना को निपटा दिया है .... 


बिलकुल सही जगह फँसी है शिवसेना .... भाजपा पुरानी मित्रता के लिहाज में इनकी हर अकड़, हर अपमान को सह लेती थी फिर भी साथ रखती थी .... लेकिन शिवसेना को लगता था की भाजपा है ही इनके बदौलत ... 


सही जगह पहूंची है शिवसेना अब ... पवार साहेब ही ठीक करेंगे इन्हें ....


अब लड़ाई दो चाणक्यों के बीच बची है ... एक तरफ शरद पवार दुसरी तरह अमित शाह ... बाकी बच्चे लोग बगल में बैठ ताली बजायें ...


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