अवैध खनन / खदान की लीज खत्म होने के बाद भी हो रहा था खनन, शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारी

  • मामला भाजपा पार्षद अजमेरा की पत्नी के नाम रही खदान का

  • अधिकारी फाइलें जांचने में जुटे, रिपोर्ट जिला प्रशासन को पेश करेंगे।

    nimach khanij bibhag ki karyavahi के लिए इमेज परिणामनीमच.जीरन तहसील के खेताखेड़ा डोरिया में क्रेशर मशीन खदान में मनमाने ढंग से खुदाई को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत पहुंचने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया है।
    बुधवार दोपहर तहसीलदार मुकेश बामनिया, खनिज अधिकारी गजेंद्र डावर ने मौका-मुआयना किया। खदान का पट्टा साल 2007 से 2017 तक की अवधि में भाजपा पार्षद राजेश अजमेरा की पत्नी साधना अजमेरा के नाम से जारी हुआ। अवधि 3 साल पहले खत्म हो चुकी थी। शासन को लाखों की राजस्व हानि पहुंचाने को लेकर शिकायत के बाद प्रशासनिक अमला यहां पहुंचा। अधिकारी बोले रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को पेश करेंगे। फाइलें भी जांची जाएंगी।



    क्रेशर मशीन खदान को लेकर शिकायत सीएम हेल्पलाइन के अलावा जिला प्रभारी मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा, जिला प्रशासन को कांग्रेस पार्षद मोनू लोक्स, देवा गुर्जर ने की थी। भाजपा शासन के दौरान खदान में मुरम व पत्थरों का तय सीमा से अधिक उत्खनन खनिज विभाग को हिसाब देना, भौतिक सत्यापन ना कराने, शासन को लाखों की राशि के नुकसान के आरोप लगाए थे।



    लेवल स्ट्रूमेंट से की खदान की नपती - नायब तहसीलदार बामनिया, खनिज अधिकारी डावर ने दल के साथ खदान की नपती लेवल स्ट्रूमेंट से की और गहराई का पता लगाया। तकनीकी टीम की मदद से उक्त काम हुए। शासकीय संपत्ति को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई।


    1.75 हेक्टेयर जमीन का मामला - शिकायत में खेताखेड़ा डोरिया स्थित सर्वे क्रमांक 341-1 की रकबा 1.75 हेक्टेयर जमीन का मामला है। 4 दिसंबर 2007 से 3 दिसंबर 2017 तक इसे साधना पति राजेश अजमेरा को आवंटित किया गया था। शासन को गौण खनिज की चोरी, भौतिक सत्यापन ना होने व भाजपा की सत्ता में दुरुपयोग को लेकर जानकारी दी गई।


    अजमेरा को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा


    गांव में 2007 से 2017 तक की अवधि में साधना अजमेरा के नाम से खदान का पट्टा जारी हुआ था। उसे लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत हुई थी। जांच के लिए टीम के साथ पहुंचे। मनमाने ढंग से खुदाई का आरोप है। इसे लेकर तकनीकी टीम ने स्थिति देखी। रिपोर्ट कलेक्टर को प्रेषित की जाएगी। मेजरमेंट किया है, फाइल खोलकर पुरानी रॉयल्टी और वस्तुस्थिति के आधार पर केस देखा जा रहा है। संबंधित को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।
    गजेंद्र डावर, खनिज अधिकारी नीमच




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