छिन्दवाड़ा / पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न

  



  प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभाग के अपर मुख्य आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव, जबलपुर संभाग के छिन्दवाड़ा, सिवनी व बालाघाट और नर्मदापुरम संभाग के होशंगाबाद, हरदा व बैतूल जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत व ग्रामीण विकास से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
      पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने बैठक में कहा कि 8 मार्च को छिन्दवाड़ा में वृहद स्तर पर विश्व महिला दिवस मनाया जायेगा जिसमें छिन्दवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, होशंगाबाद, हरदा व बैतूल जिलों की महिलाओं को सशक्त करने के विभिन्न आयामों पर चर्चा कर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। इस दौरान मंच संचालन से लेकर आयोजन के समस्त कार्यक्रमों की मुख्य भूमिका महिलाओं द्वारा की संचालित की जायेगी। इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सी.ई.ओ. जिला पंचायत छिन्दवाड़ा रहेंगे।     
      बैठक में ए.सी.एस.श्री श्रीवास्तव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक अंकेक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, पंचायत राज, मनरेगा, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ई.ओ.एल.सर्वे की समीक्षा और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की योजनाओं की जिलेवार  समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण की प्रगति, स्वच्छाग्रही द्वारा चिन्हित मिसिंग शौचालयों के व्दितीय सत्यापन की प्रगति, लोकचित्र से स्वच्छता संवाद, सामाजिक अंकेक्षण की प्रगति, वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दों के साथ ही दस्तावेज, पंजी अद्यतन, मजदूरी भुगतान, जॉब कार्ड क्रियान्वयन आदि पर विशेष चर्चा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास व गृह प्रवेश, मध्यान्ह भोजन, किचन शेड कम स्टोर, स्कूल न्यूट्रीशियल गार्डन, सांसद आदर्श ग्राम, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम पंचायत अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। इस दौरान नलजल योजना, ग्राम पंचायत विकास प्लान, मनरेगा, गौ-शाला, नदी पुनर्जीवन व ग्राम रोजगार सहायक की संविदा सेवा समाप्ति के उपरांत प्रस्तुत अपील की वस्तुस्थिति पर गंभीरता से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये गये। बैठक में उन्होंने नर्मदा कछार में रोपित पौधों के सत्यापन, सामुदायिक संस्थागत विकास एवं खोले गये बैंक खातों की प्रगति, समूह गठन एवं उन्हें सशक्त करने के विभिन्न तरीकों के संबंध में जानकारी दी। स्व-सहायता समूह, ग्राम संगठन, सी.एल.एफ.के गठन तथा तीनों स्तरों की संस्थाओं में राशि के प्रावधान, समूह को बैंक से लिंकेज, कृषि आधारित आजीविका  गतिविधि जिसमें महिलाओं को सशक्त करने के लिये कृषि सखी, पशु सखी आदि को जोड़ने तथा पशुपालन की गतिविधियों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ ही गैर कृषि आधारित आजीविका व रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के संबंध में विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। बैठक के बाद पत्रकारों से विभाग की एक वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में चर्चा की गई।