सीएए / दिग्विजय बोले - सरकार को समझ आने लगा, देश में विस्फोटक स्तिथि पैदा हो रही, इसलिए शाहीन बाग वालों को बुलाया

  • पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में यह बात कही

  • उन्होंने कहा -पुराने कानून से ही हमने एक करोड़ लोगों को नागरिकता दी है

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में यह बात कही के लिए इमेज नतीजेइंदौर. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि शाहीन बाग मामले में गृहमंत्री अमित शाह ने वहां बैठीं हमारी माताएं-बहनों को चर्चा के लिए बुलाया है। यही चर्चा पहले कर लेते तो आज यह नौबत नहीं आती। चर्चा केवल चर्चा नहीं रहनी चाहिए, इस असंवैधानिक नागरिकता कानून को वापस लेना चाहिए। सरकार को यह समझ आने लगा है कि देश में विस्फोटक स्तिथि पैदा होती जा रही है, लेकिन देर से समझ आया। देर से आए, लेकिन दुरुस्त आए। ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे।


    उन्होंने कहा कि एनपीआर, एनसीआर जैसे कानून की जरूरत नहीं है, क्योंकि जो पुराना कानून था, उससे ही नागरिकता दी जा सकती है। लोगों को गलतफहमी है, क्योंकि इन लोगों ने नया काम किया है। आजादी से लेकर अभी तक करीब एक करोड़ लोगों को हम नागरिकता दे चुके हैं, जिसमें 88 प्रतिशत हिन्दू हैं, फिर इस नए कानून की जरूरत क्यों है। केवल हिन्दू-मुस्लिम भाइयों के बीच में खाई पैदा करना है, इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।एनपीआर में पूछेंगे आपके माता-पिता कहां पैदा हुए
    प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मैं मांग करता हूं कि जो नागरिकता कानून बनाया गया है, उसे वापस लें। रही बात एनपीआर की तो हम इसे इसलिए स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि 130 करोड़ जनता से पूछा गया है कि आपके पिता जी कहां पैदा हुए, आपकी माता जी कहां पैदा हुईं। आपकी माता जी की जन्मतिथि क्या है, आपके पिता जी की जन्मतिथि क्या है। जो यह नहीं बता पाएगा उसे डाउटफूल कैटेगरी में डाल दिया जाएगा। यदि डाउटफुल कैटेगरी में गए तो फिर अदालत के चक्कर कटते रहो या अधिकारी कर्मचारियों को पैसा खिलाते रहो। असम की एनआरसी में 11 साल लगे, 16 सौ करोड़ खर्च हुए और जिसने मेहनत की उसे वहां से भगा दिया। उस पर झूठा केस लादकर पूरी एनआरसी के एक्साइज को खारिज कर दिया। इसलिए इस कानून की जरूरत नहीं है। हमारे पास आधार कार्ड है, वोटर आईडी कार्ड है, इसलिए इसकी जरूरत नहीं है।




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