दक्षिण कोरिया: डॉ. जुंग ने कोरिया में कोरोना को हराया, जर्मनी में कोरोना का टीका बनाने में जुटीं डॉ. मैरीलिन एडो


कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दुनिया भर के योद्धा जी-जान से जुटे हुए हैं। जिनमें डॉक्टर से लेकर नर्स और मेडिकल स्टाफ से लेकर पुलिस और प्रशासन तक शामिल हैं।


ऐसे ही दो योद्धा हैं दक्षिण कोरिया के रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र की प्रमुख डॉक्टर जुंग इयुन-केयोंग और जर्मनी में कोरोना के टीके पर शोध कर रही टीम की प्रमुख डॉक्टर मैरीलिन एडो। कोरिया में कोरोना को हराने में डॉक्टर जुंग अहम रणनीतिकार रही हैं। वहीं डॉक्टर एडो इबोला, मर्स के टीके बना चुकी हैं।


कई हफ्तों से घर नहीं गई हैं डॉक्टर जुंग
चीन के बाद शुरू में कोरोना ने सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण कोरिया को किया था। यहां 10 दिन में मामले बढ़कर 30 गुना हो गए थे। हालांकि अब रोज 15 से भी कम मामले सामने आ रहे हैं। इसकी एक वजह सीडीसी प्रमुख डॉक्टर जुंग हैं। यहां गुप्त धार्मिक पंथ संक्रमण का प्रमुख केंद्र रहा। कई विदेशी मीडिया ने जब उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया तो उन्होंने साफ मना करते हुए कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता इस समय कुछ और है।


इबोला का टीका बनाने वाली डॉक्टर एडो अब कोरोना के टीके पर जुटीं
कोरोना की दूसरी योद्धा जर्मनी की हैंबर्ग यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोग विभाग की डॉक्टर मैरीलिन एडो हैं। घाना मूल की प्रमुख डॉक्टर एडो कोरोना का टीका बनाने में जुटी शोध टीम की प्रमुख हैं। उन्होंने हॉर्वर्ड और मैसाचुसेट्स से संक्रामक रोगों में विशेषज्ञता हासिल की हुई है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि इबोला और मर्स का टीका बनाना है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी मिलने के बाद अफ्रीका में इबोला के टीके का परीक्षण  किया जा रहा है। वह 2016 में मर्स का टीका बना चुकी हैं। अब वे जर्मनी में कोरोना वायरस का टीका बनाने में जुटी हुई हैं।


 


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