ऑपरेशन जैकबूट के बाद से घबराया हुआ है पाक, इनकी रणनीति और सैन्य ताकत ने उड़ा दी उसकी नींद


भारत की रणनीति और सैन्य ताकत ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद


दो मई को हंदवाड़ा में हुई आतंकी मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शर्मा समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय सेना ने बेगपोरा में ऑपरेशन जैकबूट चलाकर हिजबुल कमांडर रियाज नायकू और उसके साथी आतंकी को ढेर कर दिया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत कई बार स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि आतंकवाद के खात्मे के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। अब पाकिस्तान को डर सता रहा है कि कहीं भारत एक बार फिर उसे, उसके घर में ही घुसकर कोई बड़ा सबक न सिखा दे। इसके चलते, पाकिस्तान वायु सेना के एफ-16 और जेएफ 17 लड़ाकू विमान लगातार गश्त कर रहे हैं।


ये हथियार बताते हैं भारत की सैन्य ताकत



अग्नि 1
अग्नि-1 मिसाइल का निर्माण भारत में 1999 में ही शुरू हो गया था। इसका पहला परीक्षण 2002 में किया गया था। अग्नि-1 मिसाइल 700 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसे कम मारक क्षमता वाली मिसाइल के तौर पर विकसित किया गया है।



अग्नि 2
अग्नि-2 मिसाइल की खासियत है कि यह एक टन का पेलोड ले जाने के साथ ही दो हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है। अग्नि-2 अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम और तकनीक से लैस है।



अग्नि 3
अग्नि-3 मिसाइल की लंबाई 17 मीटर और दो मीटर व्यास की है। जमीन से जमीन पर मार करने की क्षमता रखने वाली यह मिसाइल 3500 किलोमीटर दूर वार कर सकती है। यह डेढ़ टन तक पेलोड (हथियार) ले जाने की क्षमता रखती है। इसमें एडवांस कम्प्यूटर और नेविगेशन सिस्टम लगा है।



अग्नि 4
अपने पुराने वर्जन के मुकाबले अग्नि-4 मिसाइल काफी हल्की है और इसमें नई तकनीक इस्तेमाल की गई है। भारतीय सेना में शामिल यह मिसाइल 4000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक जमीन से जमीन पर मार कर सकती है।



अग्नि 5
यह अग्नि सीरीज की इंटर-कॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी रेंज 5500 किलोमीटर होने के साथ ही यह कई मामलों में विश्वस्तरीय है। समय आने पर इसकी रेंज में बढ़ोतरी भी की जा सकती है। इससे पाकिस्तान के किसी भी हिस्से को निशाना बनाया जा सकता है।



निर्भय
यह भारत की सबसोनिक क्रूज मिसाइल है। निर्भय मिसाइल में ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर के साथ टर्बोफैन इंजन लगा होता है। इसी वजह से इसकी रेंज 800 से 1000 किलोमीटर है। सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल को हर मौसम में दागा जा सकता है। हाल ही में इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया।



प्रहार मिसाइल
प्रहार शार्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है जिसमें 150 किलोमीटर की दूरी तक की मारक क्षमता है। इसके अगले कुछ साल में सेना में शामिल होने की उम्मीद है।



नाग
4 किलोमीटर रेंज के साथ 42 किलो के वजन वाली यह मिसाइल अपने साथ 8 किलोग्राम विस्फोटक ले जा सकती है। यह मिसाइल फायर एंड फॉरगेट के आधार पर काम करती है। इसे जमीन से जमीन और हवा से जमीन पर दागा जा सकता है।



ब्रह्मोस मिसाइल
इस मिसाइल को भारत और रूस ने मिलकर बनाया था। यह दुनिया की सबसे उन्नत क्रूज मिसाइल मानी जाती है। इसकी रेंज 290 किलोमीटर और गति 3700 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसका नाम भारत के ब्रह्मपुत्र और रूस के मस्कन्वा नदी पर रखा गया है।



आकाश मिसाइल
700 किलोग्राम वजन वाली यह मिसाइल जमीन से हवा में मार कर सकने में सक्षम है। इसकी गति 2.5 मैक है और इसकी सबसे खास बात है कि यह 25 किलोमीटर के रेंज में किसी भी उड़ती चीज को भेदने में सक्षम है। इस मिसाइल को भारत का पैट्रियॉट कहा जाता है।



स्पाइक एटीजीएम मिसाइल
इस मिसाइल को इस्राइल की रॉफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम ने विकसित किया है। इसकी सहायता से दुश्मनों के टैंक को युद्ध के मैदान में आसानी से नष्ट किया जा सकता है। भारतीय सेना ऐसे मिसाइल की मांग बहुत समय से कर रही थी।



एस 400 मिसाइल डिफेंस
भारत ने अक्तूबर 2018 में रूस के साथ 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए समझौता किया है। यह दुनिया की सबसे एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जो दुश्मन की किसी भी मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर सकती है।



आईएनएस विक्रमादित्य
नौसेना का विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल में ही इस पोत पर स्वदेशी विमान एलसीए तेजस की लैंडिंग और उड़ान का सफल परीक्षण किया गया है। अगले दो से तीन साल में नौसेना को आईएनएस विक्रांत नाम से एक और विमानवाहक पोत मिल जाएगा।



राफेल लड़ाकू विमान
फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन द्वारा बनाए गए राफेल विमान के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से देश की सामरिक शक्ति में बड़ा इजाफा होगा। यह पांचवी पीढ़ी का उच्च तकनीकी वाला विमान है जो दुश्मन के हर मंसूबों को खत्म करने में सक्षम है।



अपाचे हेलीकॉप्टर
एएच-64ई अपाचे विश्व के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक हैं, जिसे अमेरिका सेना इस्तेमाल करती है। यह बेहद कम ऊंचाई से हवाई और जमीनी हमले में सक्षम है। चार साल पहले भारत ने अमेरिका के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टर का करार किया था।



के-9 वज्र-टी टैंक
यह दक्षिण कोरिया की तकनीकी पर आधारित लंबी दूरी की आर्टिलरी गन है। इसको भारत में लार्सन एंड ट्रूबो ने बनाया है। इस गन की 100 यूनिटों को सेना में शामिल किया जाएगा। के9 वज्र की पहली रेजीमेंट इस साल के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


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