आबकारी विभाग ने शुरू किया संचालन / राजधानी में खुलीं शराब की दुकानें; खरीदारों की दुकानों के बाहर लंबी कतारें


विदेशी शराब खरीदने के लिए अपनी बारी का इंतजार, कतार में लगे लोग


भोपाल. राजधानी भोपाल, इंदौर समेत 12 जिलों में शराब की दुकानें मंगलवार से खुल गईं। नीलामी प्रक्रिया पूरी होने तक आबकारी विभाग इन दुकानों का संचालन करेगा। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद प्रदेश की 67 फीसदी शराब की दुकानों ने सरेंडर कर दिया था। राजधानी भोपाल में करीब 70 दिन बाद शराब की दुकानें खुलीं तो शराब के शौकीनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। अपनी बारी आने तक लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि कतार में खड़े लोगों ने फिजिकल डिस्टेंस बनाई और चेहरे पर मास्क भी लगाया।  


एक अनुमान के मुताबिक, सरकार को मई में 33 फीसदी दुकानों से 150 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। प्रदेश में शराब की देसी 2544 और विदेशी शराब की 1061 दुकानें हैं। भोपाल के साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, कटनी और रीवा के ठेकेदार पहले ही कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्णय लेने की बात कह चुके थे। ऐसे में शनिवार तक प्रमुख शहरों के सभी ठेकेदारों ने शॉप सरकार को सौंप दीं। उन्होंने आबकारी विभाग को शपथ पत्रों के साथ इसकी जानकारी भी दे दी है। हाईकोर्ट ने ठेकेदारों को स्थिति स्पष्ट करने के लिए तीन दिन का मौका दिया था।


नीलामी होने तक आबकारी विभाग करेगा संचालन 


सहायक आयुक्त भोपाल संजीव दुबे ने बताया कि भोपाल में सभी ठेकेदारों ने अपनी दुकानें सरेंडर कर दी है। राजधानी की सभी दुकानों का अधिकार शासन के पास आ गया है। इसलिए आज से संचालन शुरू कर दिया गया है। बाकी नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 


यहां संचालित हो रहीं शराब दुकानें 
सीहोर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, बैतूल, आगर, शाजापुर, टीकमगढ़ और पन्ना में ठेकेदार दुकानें खोलने को राजी हैं। ये लोग नई पॉलिसी में रिन्यूवल वाले हैं। खरगोन में लॉकडाउन खुलने के बाद से ही ठेकेदार हाथ खड़े कर चुके हैं। ऐसे में यहां दुकानें आबकारी विभाग ही चला रहा है। अब हाईकोर्ट में 17 जून को सुनवाई होगी और कोई फैसला होगा। 


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