भोपाल/ संक्रमण तेजी से बढ़ने पर सरकार का फैसला,पांच दिन खुलेगा मार्केट शनिवार रविवार बंद


गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा


भोपाल: राजधानी में कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या ने सरकार और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। इसको लेकर गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक आपात बैठक बुला ली। बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि अब भोपाल में एक बार फिर दुकानें के खुलने के दिनों में बदलाव किया जा रहा है। पांच दिन पूरा मार्केट खुलेगा, जबकि शनिवार और रविवार को दो दिन बंद रहेगा।  व्यापारियों से भी इस संबंध में चर्चा करेंगे।


उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना का रिकवरी रेट 69 प्रतिशत है। हम देश में रिकवरी रेट में बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन भोपाल में मामले बढ़ना चिंता का विषय है। इसलिए यहां पर कुछ सख्ती के साथ मार्केट खुलने के दिनों में बदलाव करेंगे। ऑनलॉक-1 होने के बाद भोपाल में कोरोना के करीब 300 नए केस सामने आए हैं। यह प्रदेश में किसी अन्य जिले के मुकाबले सर्वाधिक है। मार्केट सप्ताह में सिर्फ सोमवार से लेकर शुक्रवार तक 5 दिन ही खुलेंगे। शेष दो दिन शनिवार और रविवार को सभी दुकानें और मार्केट पूरी तरह बंद रहेंगे।



नेहरू नगर चौराह बाजार खुलने के बाद उमड़ रही भीड़


भोपाल के जहांगीराबाद में सर्वाधिक 400 मरीज: राजधानी में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 2 हजार के पार पहुंच गया है। इनमें 74% मरीज 68 दिन में मिले थे, जबकि 26% सिर्फ 10 दिन में मिल चुके हैं। राहत की बात यह है कि कुल संक्रमितों में से 1 हजार 403 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। हॉटस्पॉट जहांगीराबाद में अब हालात सुधर रहे हैं, लेकिन यहां पर 400 केस सामने आ चुके हैं। मरीजों का रिकवरी रेट भी बेहतर होता जा रहा है। 18 मई तक भोपाल में 1 हजार मरीजों पर रिकवरी रेट 56.85 % था, जो अब 70.38% है। जहांगीराबाद के चर्च रोड अहीरपुरा इलाके में सर्वाधिक करीब 170 मरीज मिले हैं।


इलाज में लापरवाही पर कार्रवाई होगी: मंत्री मिश्रा ने कहा कि उपचार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जेपी अस्पताल के फीवर क्लीनिक में मरीज को इलाज नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। मरीज जेपी अस्पताल के फीवर क्लीनिक में गया था। जहां पर उसे दवा देने के बाद वापस भेज दिया गया। उसका कोरोना टेस्ट नहीं किया गया। बाद में गंभीर रूप से बीमार होने पर वह दोबारा अस्पताल आया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।


अब सख्ती के साथ स्पॉट फाइन भी होने लगा: भोपाल में मास्क न लगाने और सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर 915 लोगों पर 1 लाख 85 हजार रूपए का फाइन किया जा चुका है। पुलिस ने लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के साथ ही कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीएस हैल्थ सुलेमान ने बताया कि प्रदेश का कोरोना रिकवरी रेट 68.8 प्रतिशत है, जबकि पूरे देश का 49.1 प्रतिशत है। प्रदेश के 22 जिलों में 10 से कम कोरोना के मरीज है। वहीं हमारी टेस्टिंग क्षमता 6 हजार से अधिक हो गई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने एवं मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए आईडेंटिफाई, आइसोलेट, टेस्ट एंड ट्रीट (आईआईटीटी) रणनीति पर प्रभावी काम जारी रखना होगा। गुरुवार को 1 दिन में सर्वाधिक 7 हजार 971 टेस्ट किए गए। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर पूरा प्रदेश संभल गया है, अब भोपाल पर मुख्य फोकस रहेगा।


मरीजों की संख्या बढ़ने से मुख्यमंत्री भी चिंतित: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉकडाउन खुलने के बाद प्रदेश में नए मरीज मिलने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि  नए कोरोना संक्रमित मरीज आ रहे हैं। थोड़ी सी भी असावधानी संक्रमण बढ़ा सकती है। भोपाल में 85 नए मामले मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2012 हो गई है। संक्रमण से अब तक 66 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 1403 के स्वस्थ होने के बाद यहां 543 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसी प्रकार इंदौर में 41 नए मरीज मिलने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3 हजार 922 हो गई।