भोपाल स्टेशन हादसा / घायलों में 5 लोग रिश्तेदार, चश्मदीद बोली- "मेरे सामने ही बहन मलबे में दब गई अल्लाह का शुक्र है- जान बच गई"

भोपाल स्टेशन हादसा / घायलों में 5 लोग रिश्तेदार, चश्मदीद बोली- "मेरे सामने ही बहन मलबे में दब गई अल्लाह का शुक्र है- जान बच के लिए इमेज नतीजेभोपाल. तिरुपति से चलकर हजरत निजामुद्दीन जाने वाले संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बुधवार सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर भोपाल जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर रुकी थी। भोपाल के आरिफ नगर, जेल रोड और अहीर मोहल्ला में रहने वाले लोग भी इस ट्रेन से उतरे थे। यह लोग आपस में रिश्तेदार हैं जो हैदराबाद में एक कार्यक्रम से भाग लेकर हंसी-खुशी लौटे थे। इनमें से 5 लोग भोपाल स्टेशन पर हुए फुट ओवरब्रिज हादसे का शिकार हुए।


अपनी आंखों के आंसू पोछते हुए आसिमा बताती हैं- 'हम 28 लोग हैदराबाद से लौटे थे। हमारा रिजर्वेशनट्रेन के एस 1, एस 3 और एस 6 बोगी में था। ट्रेन से उतरने के बाद हम सब एक जगह इकट्‌ठा हुए और फुट ओवरब्रिज से चढ़कर जाने लगे। मेरी बहन मरियम मुझसे कुछ कदम आगे चल रही थी। अचानक तेज आवाज आई। इससे पहले हम कुछ समझ पाते मरियम पुल के रैंप से नीचे गिर गई।'


आसिमा बताती हैं- 'मरियम मलबे में दब गई थी। उसके साथ नाजिया, समीमुर्रहमान, खालिद और अयान भी गिरकर घायल हो गए। हमने सामान फेंका और एक-दूसरे को खोजने लगे। जैसे-तैसे सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अल्लाह का लाख-लाख शुक्र हैं कि सब बच गए।                                                                                                                 'प्लेटफार्म पर कैंटीन चलाने वाले रमेश ने बताया- स्टेशन मास्टर से रैंप और ब्रिज के कमजोर होने और उसका हुक निकल जाने की जानकारी दी थी। लेकिन, रेलवे ने शिकायत को किया अनसुना कर दिया। हालांकि, रेलवे के अफसरों ने इस बात से इनकार किया कि उन्हें रैंप या ब्रिज के जर्जर होने की जानकारी दी गई थी।                                                                                 1992 में बना था रैंप
रेल एडीजी अरुणा मोहन राव ने कहा- मुझे जानकारी दी गई है कि ये रैंप 1992 में बना था। ज्यादा पुराना होने से कमजोर हो गया होगा। इसकी सुरक्षा के प्रोटोकॉल क्या हैं, हम इसकी जानकारी ले रहे हैं। इसमें कानूनी कार्रवाई होगी, जो भी दोषी हैं। एडीजी ने कहा- स्टेशन के जर्जर हालत में पहुंचे ओवरब्रिज और रैंप की जांच और परीक्षण तकनीकी टीम से कराएंगे।


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