खरगौन/स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने जिले को स्वास्थ्य के क्षैत्र में दी विभिन्न सौगात

    जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने जिले में विभिन्न रिक्त पदों की पूर्ति कर जिले को सौगात दी है। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को खलघाट की नर्मडास रिसोर्टस में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी खरगोन एवं धार जिले की बैठक स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट द्वारा जिले को सौगात देते हुए 21 नियमित चिकित्सा अधिकारी, 17 संविदा चिकित्सा अधिकारी, 37 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, 15 स्टॉफ नर्स, 95 एएनए की नियुक्ति गई, जिससे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आमजनों को स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही मरीजों की संख्या एवं स्वास्थ्य सुविधाओं कि जरूरत को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसरावद एवं भीकनगांव का 30 बिस्तरीय अस्पताल से उन्नयन करते हुए 60 बिस्तरीय अस्पताल कर विशेष सौगात दी गई। इस तारतम्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रजनी डावर से जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजो की जांच के लिए एमआरआई मशीन, सीटी स्केन मशीन, कलर डापलर सोनोग्राफी मशीन, एडवांस लाईफ सपोर्ट एम्बुलेंस, बेसिक टाईप एम्बुलेंस, शव वाहन, मार्चुरी केबिनेट फॉर बॉडी, एक्स-रे 500 एमए, डिजीटल रेडियोलॉजी एक्स-रे सिस्टम, सेमी आटोमेटीक बायो केमीस्ट एनेलाईजर, फली आटोमेटीक ब्लड सेल काउंटर, फोर्टेबल एक्स-रे मशीन, की उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट को मांग पत्र दिया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा शीघ्र ही उपलब्धता करवाने का आश्वासन दिया।


कार्ययोजना प्रस्तावित करने के दिए निर्देश

   स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट द्वारा दोनों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि आदिवासी बाहुल्य विकासखंड स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के लिए पृथक से कार्ययोजना प्रस्तावित करें। समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजो के लिए बैठने की व्यवस्था, पंखे, पीने के लिए आरओ का पानी, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करे। साथ ही मरीजों को गुणवत्तापूर्ण नाश्ता एवं भोजन देने के भी निर्देश दिए। वहीं अस्पतालों में पानी की टंकियों की माह में दो बार सफाई, अनुउपयोगी सामग्री का निष्पादन, स्वच्छता एवं मरीजों से मानवतापूर्ण व्यवहार करते हुए सौहाद्रपूर्ण वातावरण निर्मित करे। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को ओर अधिक बेहतर बनाने के लिए जिला कलेक्टर से समन्वय करने के निर्देश दिए।


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