कोरोना पर जुबानी जंग: यूएनएससी की बैठक में आमने-सामने आए चीन और अमेरिका


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी)


दुनिया के लिए इस समय कोरोना वायरस महामारी से निपटना एक चुनौती बन गई है। इस वायरस की शुरुआत पिछले साल चीन के वुहान से हुई थी। यह वायरस अब लगभग पूरी दुनिया को प्रभावित कर चुका है। इसी मामले की जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बैठक बुलाई तो यहां भी अमेरिका और चीन आमने-सामने आ गए। अमेरिका अब तक संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे तो वहीं चीन ने दोनों संस्थाओं की तारीफ की।




चीन ने कोविड-19 को बताया वैश्विक चुनौती
कोरोना वायरस के मामले को लेकर यूएनएससी ने गुरुवार को वर्चुअल महाबैठक बुलाई थी। बैठक में चीन ने कहा कि कोविड-19 एक वैश्विक चुनौती है जिसमें यूएन और डब्ल्यूएचओ की ओर से जो अगुवाई की जा रही है। उसकी चीन तारीफ करता है। यह वायरस हर किसी के लिए खतरा है जिसमें सभी को मिलकर काम करना होगा। चीन यूएन की उस अपील का भी समर्थन करता है जहां उसने सभी देशों से अपने मतभेद भुलाकर कोरोना से लड़ने की बात कही है। चीन का कहना है कि जब वह संकट से जूझ रहा था तो कई देशों ने उनकी मदद की थी अब वह 100 से ज्यादा देशों की मदद कर रहा है।


अमेरिका ने चीन की नीयत पर उठाए सवाल
अमेरिका ने एक बार फिर चीन की नीयत पर सवाल उठाए हैं। अमेरिका का कहना है कि संकट के इस समय में पारदर्शिता रखने की जरुरत है जिससे कि हर कोई सच्चाई जान सके। अमेरिका ने दावा किया है कि इस समय वह दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।


अमेरिका ने चीन पर लगाया जानकारी छुपाने का आरोप

अमेरिका ने पहले भी चीन और डब्ल्यूएचओ पर कोरोना वायरस की सच्चाई छुपाने का आरोप लगाया था। अमेरिका का कहना है कि उसी का खामियाजा दुनिया भुगत रही है। इस बैठक में भी अमेरिका ने एक बार फिर अपनी बात को दोहराया है और सभी देशों से सच के साथ आने की अपील की है।


कोरोना पर राजनीति, आग से खेलने जैसा
डब्ल्यूएचओ पर चीन केंद्रित होने का आरोप लगाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसकी मदद रोकने की बात कही तो डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस गेब्रेयेसिएस ने कहा कि यदि जीतना ही है तो एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय कोरोना पर हो रही राजनीति को क्वारंटाइन करें। गेब्रेयेसिएसिस ने कहा, 'यह नया वायरस है और 100 दिन में ही इसने दुनिया को बदल दिया है। इस पर आरोप-प्रत्यारोप में वक्त बर्बाद करना आग से खेलने जैसा है।'

यदि ज्यादा मौतें देखना है तो बर्बाद करें वक्त: टेड्रोस
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस गेब्रेयेसिएस ने कहा कि यह वायरस दरारों में घुसकर हमें हरा सकता है, भले ही कोई देश कितना ही अच्छी दशा में क्यों न हो। इसलिए इसे राजनीतिक हथियार न बनाएं। उन्होंने ट्रंप के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, राजनीतिकरण से मतभेद बढ़ते हैं। इस समय हमें एक दूसरे की कमी निकालने में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। अगर आप और ज्यादा मौतें देखना चाहते हैं, तो ही ऐसा करिए।

चीन ने किया कोरोना की जानकारी छुपाने से इनकार
चीन ने गुरुवार को इस बात से साफ इंकार किया कि उसने दिसंबर, 2019 में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले आने के बाद उन्हें छुपाया। यह कहकर चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इल्जामों से डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस गेब्रेयेसस का बचाव किया है। ट्रंप ने उन पर चीन केंद्रित होने का आरोप लगाया था।

कोविड-19 संबंधी जानकारी छुपाने के अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के आरोपों को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज्याओ लिजिआन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोविड-19 की सूचना देने वाला चीन पहला देश है और इसका यह मतलब नहीं है कि वायरस का जन्म वुहान से हुआ है। ज्याओ ने कहा कि महामारी पहले दुनिया में कहीं भी फैल सकती है। लेकिन उसकी शुरुआत विज्ञान का विषय है और हमें इसे विज्ञान एवं मेडिकल समुदाय पर ही छोड़ देना चाहिए।