देश में 31 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, राज्यों को मिला जोन तय करने का अधिकार


केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को विस्तार देते हुए इसके चौथे चरण का एलान कर दिया है। अब देश में लॉकडाउन 31 मई तक लागू रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि देश में लॉकडाउन 25 मार्च को शुरू हुआ था।


लॉकडाउन के चौथे चरण में उल्लेखित किए गए प्रतिबंधों के अलावा सभी गतिविधियों को अनुमति रहेगी। हालांकि, कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक सेवाओं और गतिविधियों को ही अनुमति रहेगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अधिकार दिया गया है कि वह स्थानीय हालात के अनुसार विभिन्न जोन में अन्य गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा सकते हैं। साथ ही राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वह आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी लॉकडाउन के दिशानिर्देशों को किसी भी तरीके से कमजोर नहीं करेंगी।



चौथे चरण में इन पर रहेगा प्रतिबंध


सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर प्रतिबंध जारी रहेगा। हालांकि, घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं के लिए, घरेलू एयर एंबुलेंस और गृह मंत्रालय से अनुमति प्राप्त सुरक्षा कारणों से हवाई सेवा का इस्तेमाल किया जाएगा। 


मेट्रो रेल सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा।


स्कूल, कॉलेज, शिक्षण/प्रशिक्षण/कोचिंग संस्थान आदि बंद रहेंगे। ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा को अनुमति रहेगी और इन्हें बढ़ावा भी दिया जाएगा। 


होटल, रेस्टोरेंट और अन्य आतिथ्य सेवाएं बंद रहेंगी। उनको अनुमति होगी जिनका इस्तेमाल स्वास्थ्य, पुलिस, सरकारी अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, दूसरे स्थानों पर फंसे लोगों को रखने और क्वारंटीन केंद्रों के तौर पर किया जा रहा है। रेस्टोरेंट को भोजन की होम डिलिवरी करने की अनुमति रहेगी। 


सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम्नेजियम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, सभागार और ऐसे सभी स्थान बंद रहेंगे। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम को खुलने की अनुमति रहेगी हालांकि, दर्शकों को जाने की अनुमति नहीं होगी। 


सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल संबंधी, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और अन्य भीड़ जमा करने वाले कार्यक्रमों पर रोक जारी रहेगी। 


सभी धार्मिक स्थान जनता के लिए बंद रहेंगे। धार्मिक बैठकों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।


चौथे चरण में इन चीजों की रहेगी अनुमति


अंतरराज्यीय यात्रा के लिए वाहनों और बसों को अनुमति दी जाएगी। इसके लिए संबंधित राज्यों या केंद्रशासित प्रदेश की अनुमति जरूरी होगी। 


राज्य के अंदर परिवहन के लिए वाहनों और बसों के संचालन का निर्णय राज्य व केंद्रशासित प्रदेश खुद करेंगे। 


लोगों को आवागमन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करना अनिवार्य होगा। 


ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन को लेकर ये निर्देश


ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन का निर्धारण राज्य और केंद्रशासित प्रदेश करेंगे। इसके लिए उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बताए गए मानकों का पालन करना होगा।


रेड और ऑरेंज जोन में कंटेनमेंट और बफर जोन का निर्धारण जिला प्राधिकरण द्वारा दिशानिर्देशों के मुताबिक किया जाएगा।


कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों को इजाजत होगी। इन जोन से अंदर या बाहर लोगों का आवागमन न हो इस पर सख्त नजर रखी जाएगी। मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की सप्लाई की स्थिति में ही लोगों को बाहर निकलने की अनुमति होगी। 


कंटेनमेंट जोन में बड़े स्तर पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। घर-घर पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा।


नाई की दुकानों को खुलने की अनुमति देने का निर्णय अभी सरकार ने नहीं किया है। 


जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू


शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक लोगों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
इसे सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारी आवश्यकतानुसार आदेश जारी करें। 


बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को घर पर रहने की सलाह
65 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों, बीमार लोगों, गर्भवतियों और 10 साल से कम आयु के बच्चों को अति आवश्यक या स्वास्थ्य कारणों के अलावा घर पर ही रहने की सलाह दी गई है।


कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु एप अनिवार्य
कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल अनिवार्य रहेगा। कार्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वहां आने वाले सभी कर्मचारियों के फोन में यह एप इंस्टॉल हो। 


जिला प्राधिकरण नागरिकों को आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करने के लिए और उसका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करें।
विशेष परिस्थितियों में आवागमन को लेकर ये निर्देश


सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश चिकिस्ता विशेषज्ञों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मियों और एंबुलेंस को राज्य के अंदर आवागमन को बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति देंगे। 


सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश खाली ट्रक समेत सभी प्रकार के मालवाहक ट्रकों और कारगो के अंतरराज्यीय आवागमन को अनुमति देंगे। 


कोई भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश पड़ोसी देशों के साथ संधि के तहत क्रॉस लैंड बॉर्डर व्यापार के लिए मालवाहक कारगो का आवागमन नहीं रोकेगा। 


लॉकडाउन के तीन चरण


पहला चरण : लॉकडाउन की शुरुआत 25 मार्च से हुई थी। तब इसे 14 अप्रैल तक यानी 21 दिन के लिए लागू किया गया था। इस दौरान केवल जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी और बाकी सभी तरह की सार्वजनिक सेवाओं पर प्रतिबंध था।


दूसरा चरण : लॉकडाउन का तीसरा चरण 19 दिन का था जो 15 अप्रैल से तीन मई तक रहा। इस दौरान रेड जोन के अलावा ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में दुकानों को खुलने की अनुमति दी गई थी। 


तीसरा चरण : चार मई से 17 मई तक यानी 12 दिन के लॉकडाउन के तीसरे चरण में कई राहतें दी गईं। रेड जोन के अतिरिक्त ग्रीन और ऑरेंज जोन में अन्य दुकानों को खुलने की अनुमति दी गई। प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन और बसों की शुरुआत की गई। अन्य लोगों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गईं। इसके साथ ही 'वंदे भारत मिशन' और 'ऑपरेशन समुद्रसेतु' के जरिए विभिन्न देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने की शुरुआत की गई। 


 


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